# दस वर्षीय छात्र अलीरज़ा बख़्शी के पत्र का स्नेहपूर्ण उत्तर

- सैयद मोजतबा हुसैनी ख़ामेनेई
- प्रकाशित: 2 नवंबर 2026 (2026-11-02)
- URL: https://mojtabakhamenei.world/hi/messages/reply-letter-ten-year-old-student-alireza-bakhshi/
- Persian original: https://mojtabakhamenei.world/fa/messages/reply-letter-ten-year-old-student-alireza-bakhshi/

कुछ समय पहले तेहरान में रहने वाले दस वर्षीय छात्र अलीरज़ा बख़्शी ईरज ने 23 शहरीवर 1405 को इस्लामी क्रांति के माननीय नेता की सेवा में एक स्नेह भरा पत्र लिखा। इस पत्र में उसने उनके मार्गदर्शन के प्रति अपना लगाव और आभार प्रकट करते हुए, उन्हें धन्यवाद देने और इस्लाम के योद्धाओं की मदद के लिए एक उपहार भी भेंट किया।

इस छात्र के पत्र का पाठ इस प्रकार था:

ख़ुदा के नाम से
सलाम आक़ा।
मैं अलीरज़ा बख़्शी हूँ।
मैं दस साल का हूँ और तेहरान में रहता हूँ।
सच कहूँ तो, मुझे नहीं पता कि मेरी चिट्ठी आप तक पहुँचेगी या नहीं।
काश मैं आपके पास आकर आपसे बात कर पाता।
सच कहूँ तो, आपकी रहनुमाई की वजह से हम आपके बहुत एहसानमंद हैं।
ये पैसे आपको शुक्रिया कहने और इस्लाम के योद्धाओं की मदद के लिए हैं।
आपसे मिलने की चाह रखने वाला
अलीरज़ा बख़्शी ईरज
1405/6/23

पुनश्च: देर से ही सही, आपको जन्मदिन मुबारक हो।

यह पत्र इस्लामी क्रांति के माननीय नेता तक पहुँचा, और हज़रत आयतुल्लाह सैयद मोजतबा ख़ामेनेई ने भी इस छात्र के स्नेह के जवाब में उसके लिए एक पत्र लिखा और बदले में उसे एक उपहार भेंट किया।

इस्लामी क्रांति के माननीय नेता के उत्तर का पाठ इस प्रकार है:

بسم‌الله‌الرحمن‌الرحیم
अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत कृपाशील, अत्यंत दयावान है

मेरे प्यारे दोस्त, जनाब अलीरज़ा बख़्शी

سلام علیکم و رحمة الله و برکاته
आप पर सलाम हो, और अल्लाह की रहमत और उसकी बरकतें हों

आपके स्नेह भरे ध्यान के लिए आपका धन्यवाद। वैसे इस नाचीज़ बंदे का जन्मदिन इस्फ़ंद के महीने में है। बदले में मैं भी आपकी उदारता के जवाब में एक उपहार, भले ही वह मामूली हो, भेंट कर रहा हूँ। परिवार के सदस्यों को मेरा सलाम पहुँचाइए।

सैयद मोजतबा ख़ामेनेई
19/मेहर/1405

पुनश्च: आपकी लिखावट साफ़ और पढ़ने में आसान है।
