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  3. 6 अप्रैल 2026

सुरक्षा और ख़ुफ़िया विभाग के जनरल सैयद मजीद ख़ादेमी की शहादत पर, इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता का बयान

यह मूल फ़ारसी पाठ का अनुवाद है। मूल फ़ारसी पाठ

बिस्मिल्लाह अर्रहमान अर्रहीम

और अहले ईमान में से कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने वह अहद व पैमान सच्चा कर दिखाया जो अल्लाह से किया था। सो उन में से कुछ वे हैं जो अपना वक़्त पूरा कर चुके हैं और कुछ उस (वक़्त) का इंतेज़ार कर रहे हैं और उन्होंने (अपनी रविश में) ज़रा भी तब्दीली नहीं की। (सूरए अहज़ाब , आयत- 23)

एक बार फिर ज़ायोनी-अमरीकी दुश्मन ने जिसे इस्लामी ईरान के ग़ैरतमंद राष्ट्र और वीरों के ख़िलाफ़ थोपी गयी जंग और दुष्ट साज़िशों में एक के बाद एक नाकामी हुयी है , ज़ायोनियों के पुराने टार्गेट किलिंग के हथकंडे को अपनाते हुए मुल्क के सुरक्षा और ख़ुफ़िया विभाग के एक जनरल को निशाना बनाया। मेजर जनरल सैयद मजीद ख़ादेमी जो सुरक्षा , इंटेलिजेंस और मुल्क की रक्षा के मैदान में कई दशकों तक ख़ामोशी से व्यापक योगदान दे रहे थे , शहीद हो गए लेकिन इस्लामी ईरान और आर्म्ड फ़ोर्सेज़ में , सत्य और हक़ीक़त की राह के वीरों और मुजाहिदों की मज़बूत पंक्ति इतनी ऊंची और सीसा पिलाई हुयी है कि टार्गेट किलिंग और अपराध से उसकी जेहादी आकांक्षाओं की राह में ज़रा भी विघ्न पैदा नहीं किया जा सकता।

इस गुमनाम और बहादुर जनरल की शहादत पर उन के सम्मानीय घर वालों , साथियों और आईआरजीसी के ख़ुफ़िया विभाग के कमांडरों को मुबारकबाद और सांत्वना पेश करता हूं और अल्लाह से उन के दर्जे की बुलंदी की कामना करता हूं।

रहबरे इंक़ेलाब

सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई

6 अप्रैल 2026